मेलाटोनिन और हार्ट फेलियर: क्या वाकई नींद की दवा दिल के लिए खतरा है?
हाल के दिनों में मेलाटोनिन (Melatonin) को लेकर आई खबरों ने कई लोगों को चिंतित कर दिया है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि लंबे समय तक मेलाटोनिन का उपयोग हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ा सकता है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इन सुर्खियों से डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह सिर्फ एक प्रारंभिक अध्ययन (Preliminary Study) है, जो कारण और परिणाम को साबित नहीं करता।

मेलाटोनिन हमारे शरीर में स्वाभाविक रूप से बनने वाला हार्मोन है, जो नींद और जागने के चक्र (Sleep Cycle) को नियंत्रित करता है। रात में अंधेरा होने पर इसका स्तर बढ़ जाता है, जिससे हमें नींद आने लगती है। यही कारण है कि बहुत से लोग बाजार में उपलब्ध मेलाटोनिन सप्लीमेंट्स का उपयोग अनिद्रा या जेट लैग (Jet Lag) के लिए करते हैं।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, शोधकर्ताओं ने 5 वर्षों तक अनिद्रा से पीड़ित वयस्कों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने एक वर्ष या उससे अधिक समय तक मेलाटोनिन का उपयोग किया, उनमें 4.6% को हार्ट फेलियर हुआ, जबकि बिना मेलाटोनिन वाले समूह में यह संख्या 2.7% थी। हालांकि, यह एक ऑब्जर्वेशनल स्टडी थी, जो केवल सहसंबंध (Correlation) दिखाती है, न कि कारण (Causation)।
विशेषज्ञों जैसे डॉ. प्रतिक संदेसरा (Emory Healthcare) और डॉ. क्लाइड येंसी (Northwestern University) ने स्पष्ट किया कि इस अध्ययन से यह साबित नहीं होता कि मेलाटोनिन हानिकारक है। अमेरिका में यह ओवर-द-काउंटर सप्लीमेंट है, इसलिए कई लोग इसका उपयोग बिना किसी रिकॉर्ड के करते हैं। साथ ही, सप्लीमेंट्स पर सरकारी नियंत्रण न होने से उनके ब्रांड्स और डोज़ेज़ में अंतर होता है।
डॉक्टरों का सुझाव है कि मेलाटोनिन का उपयोग कम अवधि (जैसे यात्रा या नींद के अस्थायी विकारों) के लिए ही किया जाए। बेहतर नींद के लिए स्लीप हाइजीन अपनाना जरूरी है — जैसे रात में कमरे को अंधेरा रखना और ब्लू लाइट से बचना।
मेलाटोनिन को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। फिलहाल अध्ययन के नतीजे प्रारंभिक हैं। विशेषज्ञों की सलाह है — डॉक्टर से परामर्श लेकर ही इसका उपयोग करें और नींद सुधारने के लिए प्राकृतिक उपाय अपनाएँ।


