आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक बार फिर हलचल मच गई है। Mira Murati के AI स्टार्टअप Thinking Machines Lab ने अपने को-फाउंडर Andrew Tulloch को खो दिया है, जिन्होंने कंपनी छोड़कर Meta Platforms (Facebook की पैरेंट कंपनी) में वापसी की है। यह खबर कंपनी ने पिछले हफ्ते कन्फर्म की, और इसे AI इंडस्ट्री के “टैलेंट वॉर” का एक और बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

कौन हैं Andrew Tulloch और क्यों है यह खबर अहम?
Andrew Tulloch एक जाने-माने AI रिसर्चर हैं, जिन्होंने इससे पहले Meta में 11 साल काम किया था। इसके बाद उन्होंने OpenAI में भी एक छोटी अवधि के लिए काम किया और फिर 2025 की शुरुआत में Mira Murati के साथ मिलकर Thinking Machines Lab की स्थापना की।
कंपनी ने फरवरी 2025 में लॉन्च होते ही $2 बिलियन (करीब ₹16,600 करोड़) की फंडिंग जुटाई थी और हाल ही में अपना पहला प्रोडक्ट Tinker पेश किया था — जो बड़े भाषा मॉडलों (Large Language Models) को फाइन-ट्यून करने के लिए एक API है।
Meta का AI सुपरप्लान और Tulloch की वापसी
Meta इस समय अपनी Superintelligence Labs Division को लेकर बेहद आक्रामक रणनीति अपना रहा है। मार्क जुकरबर्ग ने खुद इस पहल की अगुवाई करते हुए OpenAI, DeepMind, Anthropic और Apple जैसी कंपनियों से दर्जनों शीर्ष AI विशेषज्ञों को हायर किया है।
The Wall Street Journal के अनुसार, Meta इस साल $72 बिलियन तक खर्च करने की योजना बना रहा है — जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, सुपरकंप्यूटिंग और जनरल AI रिसर्च शामिल है। Tulloch उन्हीं विशेषज्ञों में से एक हैं जिनसे Zuckerberg ने सीधे संपर्क किया था।
कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया —
“Andrew ने व्यक्तिगत कारणों से अलग रास्ता चुना है। उनकी भूमिका हमारे लिए नींव रखने वाली थी, और हम उनके योगदान के लिए आभारी हैं।”
कंपनी ने यह भी कहा कि वह “finishing what we started together” यानी साथ शुरू किए गए मिशन को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। Mira Murati, जो पहले OpenAI की CTO रह चुकी हैं, अब Thinking Machines Lab को नेतृत्व दे रही हैं। उनकी टीम का बड़ा हिस्सा उनके पूर्व OpenAI सहयोगियों से बना है। Tulloch के जाने के बावजूद, कंपनी ने कहा है कि वह एंटरप्राइज-लेवल AI सॉल्यूशंस पर फोकस बनाए रखेगी।
Meta की आक्रामक भर्ती रणनीति ने AI इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा को और तेज कर दिया है। जहां एक ओर Thinking Machines Lab जैसी नई कंपनियाँ नवाचार पर काम कर रही हैं, वहीं Meta जैसी दिग्गज कंपनियाँ “Superintelligence” की दौड़ में आगे बढ़ने के लिए शीर्ष प्रतिभाओं को अपनी टीम में शामिल कर रही हैं।
Andrew Tulloch का यह कदम न केवल Meta की AI महत्वाकांक्षाओं को मजबूत करेगा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि AI का भविष्य अब पहले से कहीं अधिक प्रतिस्पर्धी और रोमांचक होने वाला है।


